मंत्रिमंडल के फैसलेः स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति-2021 को प्रदान की गई स्वीकृति, कई पदों पर नियुक्ति का लिया गया फैसला

लोकमत उदय ब्यूरो
हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति-2021 को स्वीकृति प्रदान की गई.इस नीति के अन्तर्गत स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा विकास की परिकल्पना की गई है. विशेष तौर पर पन विद्युत, सौर ऊर्जा और अन्य हरित ऊर्जा स्रोतों के तीव्र दोहन से वर्ष 2030 तक 10 हजार मेगावाट अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन करने का लक्ष्य तय किया गया है. हरित ऊर्जा स्रोतों के तीव्र विकास के लिए चार सूत्रीय योजना के अन्तर्गत राज्य, संयुक्त, केन्द्रीय और निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.राज्य में पर्याप्त और प्रभावशाली पारेषण (ट्रांसमिशन) नेटवर्क स्थापित करने के लिए ट्रांसमिशन मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा. जिससे जल और सौर ऊर्जा परियोजनाओं की योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन में सुविधा उपलब्ध हो सकेगी. इस नीति में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर, पवन, बायोमास और अन्य गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के दोहन पर विशेष बल दिया गया है।
निजी भागीदारी को दी गई मंजूरी
मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश स्वर्ण जयंती खेल नीति-2021 को भी अपनी स्वीकृति प्रदान की. इस नीति के अन्तर्गत उच्च गुणवत्ता की खेल अधोसंरचना के विकास, रख-रखाव और उपयोग पर विशेष बल दिया गया है. सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी को प्रोत्साहन देते हुए खेल अधोसंरचना के निर्माण, शैक्षणिक संस्थानों से समन्वय स्थापित करते हुए खेलों को बढ़ावा देने का काम किया जाएगा. साथ ही खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने और उच्च मानकों के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और समर्थन दिया जाएगा. इस नीति का उद्देश्य खेलों के दूरगामी विकास के दृष्टिगत प्रशिक्षण में वैज्ञानिक अनुसंधान को शामिल करना और खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें सम्मान देना तथा खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले महिला एवं पुरूष खिलाड़ियों को पुरस्कृत करना है।
कोरोना महामारी के दृष्टिगत ट्रांसपोर्टर्स को प्रदान की गई राहत
मंत्रिमंडल ने तृतीय श्रेणी की सीधी भर्ती में 15 अंकों की मूल्याकंन प्रक्रिया समाप्त कर लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के महत्त्व में बढ़ोतरी कर इसे 85 से बढ़ाकर 100 अंक करने का भी निर्णय लिया ताकि भर्ती प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शिता लाई जा सके वही मंत्रिमंडल ने कोरोना महामारी के दृष्टिगत ट्रांसपोर्टर्स को राहत प्रदान करते हुए विभिन्न श्रेणी के वाहनों के टोकन टैक्स, स्पेशल रोड टैक्स (एसआरटी) और यात्री कर में शत-प्रतिशत छूट देने अथवा माफ करने को कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की है बैठक में एक अगस्त, 2020 से 30 जून, 2021 तक की अवधि के लिए यात्री वाहनों, टैक्सी, मैक्सी, ऑटो और अनुबंध पर यात्री बसों, संस्थागत बसों के बकाया 50 प्रतिशत टोकन टैक्स को माफ करने का फैसला हुआ है.साथ ही कॉन्ट्रेक्ट कैरेज बसों का शत-प्रतिशत टोकन टैक्स और यात्री वाहनों का एसआरटी माफ करने का निर्णय लिया गया. मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई, 2021 से 30 नवम्बर, 2021 की अवधि के लिए यात्री वाहनों, कॉन्ट्रेक्ट कैरेज और संस्थागत बसों के शत-प्रतिशत टोकन टैक्स और यात्री वाहनों के एसआरटी को माफ करने का भी निर्णय लिया.बैठक में कॉन्ट्रेक्ट कैरेज और संस्थागत बसों के 1 अप्रैल, 2020 से 30 नवम्बर, 2021 की अवधि के शत-प्रतिशत यात्री कर को माफ करने का भी निर्णय लिया गया।
कई पदों पर नियुक्ति का लिया गया फैसला
मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के धर्मपुर में लोक निर्माण विभाग का नया वृत्त खोलने और इसके लिए आवश्यक पदों के सृजन और भर्ती को भी स्वीकृति प्रदान की.कांगड़ा जिला के शाहपुर में लोक निर्माण विभाग का नया मंडल और दाड़िनी में उप-मंडल खोलने और इन कार्यालयों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पदों के सृजन और भर्ती को अपनी स्वीकृति प्रदान की. मंत्रिमंडल ने राज्य कर एवं आबकारी विभाग के पुनर्गठन को अनुमति प्रदान की.विभाग द्वारा वित्त विभाग के साथ परामर्श और पुनर्गठन प्रस्ताव के तादात्म्य में चरणबद्ध ढंग से विभिन्न पदों का सृजन और उन्हें भरा जाएगा.मंत्रिमण्डल ने जिला मंडी में जल शक्ति विभाग, उप-मण्डल टीहरा के डरवाड़ के अन्तर्गत नया अनुभाग खोलने तथा आवश्यक पदों के सृजन व भरने को स्वीकृति प्रदान की.बैठक में जिला मंडी में जल शक्ति विभाग, उप-मण्डल केलोधार के अन्तर्गत केलोधार में नया अनुभाग खोलने तथा आवश्यक पदों के सृजन व भरने को स्वीकृति प्रदान की.राजस्व विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 108 पदों को अनुबन्ध आधार पर भरने की मंजूरी प्रदान की.उद्योग विभाग में रेशम निरीक्षक के 42 पदों को अनुबन्ध आधार भरने का निर्णय लिया गया.मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 13 पदों को भरने का निर्णय लिया गया.राजस्व विभाग में अनुबन्ध आधार पर सांख्यिकी सहायक के तीन पदों को भरने का निर्णय लिया।
प्रभावित किसानों को प्रदान की गई राहत
बैठक में लाहौल-स्पिति जिला में गत वर्ष 27 से 30 जुलाई तक भारी बारिश के कारण कृषि एवं बागवानी को हुए नुकसान से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने की अनुमति प्रदान की गई. किसानों को 25 से 50 प्रतिशत नुकसान के लिए 2000 रुपए प्रति बीघा, 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान के लिए 2500 रुपए प्रति बीघा और कृषि एवं बागवानी फसलों को 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान के लिए 3000 रुपए प्रति बीघा प्रदान किए जाएंगे.भू-स्खलन,बाढ़,हिमस्खलन के कारण भूमि को हुए नुकसान के लिए किसानों को 3000 रुपए प्रति बीघा और कृषि व बागवानी भूमि से गाद निकालने के लिए 1000 रुपए प्रति बीघा प्रदान किए जाएंगे।

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