
फार्मास्युटिकल क्षेत्र में हिमाचल की बड़ी छलांग, वाणिज्य मंत्रालय की संस्था ने दिया विशेष अवार्ड।
लोकमत उदय ब्यूरो
नई दिल्ली। फार्मास्युटिकल क्षेत्र में देवभूमि हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल और हेल्थकेयर प्रदर्शनी (IPHEX 2026) के दौरान हिमाचल प्रदेश के औषधि नियंत्रण प्रशासन (DCA) को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए ‘प्रशंसा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तत्वावधान में कार्यरत फार्मास्युटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (Pharmexcil) द्वारा राज्य के ड्रग्स नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर को प्रदान किया गया है। 
मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दी पूरी टीम को बधाई
विभाग को यह पुरस्कार नियामक उत्कृष्टता (Regulatory Excellence), फार्मा उद्योगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और दवाओं के निर्यात प्रोत्साहन में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है। मुख्यमंत्री ने दी बधाई, कहा- वैश्विक हब बन रहा हिमाचलइस ऐतिहासिक सफलता पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने औषधि नियंत्रण प्रशासन की पूरी टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान राज्य में नियामक प्रणालियों को मजबूत करने, ‘व्यापार करने में सुगमता’ (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने और गुणवत्ता-आधारित व वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी फार्मास्युटिकल पारिस्थितिकी तंत्र (Eco-system) विकसित करने की हमारी प्रतिबद्धता का परिणाम है।
नए निवेश और रोजगार के अवसरों के खुलेंगे द्वार
वैश्विक बाजार में मजबूत होगी साखविशेषज्ञों के अनुसार, फार्मेक्सिल की ओर से मिले इस राष्ट्रीय सम्मान के बाद वैश्विक बाजार में हिमाचल प्रदेश में निर्मित दवाओं की साख और अधिक मजबूत होगी। इससे न केवल राज्य से होने वाले फार्मा निर्यात में बढ़ोतरी होगी, बल्कि प्रदेश में नए निवेश और रोजगार के अवसरों के द्वार भी खुलेंगे। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख फार्मा उत्पादक राज्यों में शीर्ष स्थान रखता है और यह पुरस्कार इसके नेतृत्व को नई ऊंचाइयां देगा।


